Disha Shah 23 May 2024 शायरी समाजिक 59093 0 Hindi :: हिंदी
मान लिया तो हार है , ठान लिया तो जीत है इसीलिए सारा खेल मन का है , जो आप सोचते हो वही आप अक्सर में हो जाते हो , तब सोचना सक्रात्मक ही चाहिए जिससे जिंदगी बन जाए
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