Poonam Mishra 22 Jun 2023 शायरी समाजिक मन कुछ उखड़ा उखड़ा सा 71886 0 Hindi :: हिंदी
मन है आज कुछ उखड़ा उखड़ा था शायद मौसम भी है कुछ रुखा रुखा सा ऐसा लगता है हवाएं टूट गई है जीवन के इस मोड़ पर हवाओं का रुख भी मुझसे मुड़ गया है
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मै पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश के वाराणस�...