Meenakshi Tyagi 01 Jul 2023 शायरी अन्य Neha Tyagi 45026 0 Hindi :: हिंदी
न जाने मंजिलों के भी
कब से कदम आ गए
हम जितना करीब
जाने की कोशिश करते है
वो और भी आगे
चली जाती है।