Shiv Kishore 01 Jun 2023 शायरी दुःखद रोज _ ए _इश्क़ निकाला , ताला 37559 0 Hindi :: हिंदी
बड़ी मुस्किल से मैंने रोज _ ए _इश्क़ निकाला ,
उस पर भी घर वालों ने जड़ दिया ताला ।
हम समझे थे कि हम अच्छी किस्मत आए लेकर___
जब जवां हुए तो निकला फूटा भाग्य साला ।
__ शिव किशोर, शाहजहांपुर,यूपी