Baba ji dikoli 25 Jan 2025 शायरी समाजिक कवीता/साहित्य/कहानी /गूगल/इंस्टाग्राम/x 40283 0 Hindi :: हिंदी
सबको अपने अपने मतलब से कुम्भ जाना है किसी को अमृत स्नान कर मुक्ति पना है तो कोई साध्वी हर्षा का दीवाना है किसी को संत दर्शन पाना है तो कुछ को स्वयं संत बनने जाना है। किसी को बस सोशल मीडिया पर व्यू बढ़ाना है, तो कोई मोनालिसा की आँखो का दीवाना है। सबको अपने अपने मतलब से कुम्भ जाना.......। @babajidikoli