मोती लाल साहु 17 Apr 2023 शायरी समाजिक संसार सागर में मैं वह मानिक मोती ढूंढ रहा हूं। 37580 0 Hindi :: हिंदी
लहरों से- खेल-खेल में गहराई, में गोता लगा रहा हूं खारे समुद्र में मीठी स्वाति का वह बूंद-ढूंढ रहा हूं दूर कहीं- उजला प्रकाश से, दमकता वह सीपि को निश्छल सागर में मैं वह मानिक मोती ढूंढ रहा हूं -मोती