MD SHAYEED ALAM 05 Jan 2026 शायरी समाजिक शायरी मोहम्मद सईद आलम 9910 0 Hindi :: हिंदी
शिकायतें हमें भी बहुत थी अपने रब से, पर माजूर मजलूमों को भी, तेरा शुक्र अदा करते देखा है जब से, शर्मिंदा बहुत हूं मैं अपने रब से, या रब शुक्रगुजार हूं मैं तेरा, तूने हर चीज अदा की है ज्यादा मुझे सबसे।।