मोती लाल साहु 18 Jun 2023 शायरी समाजिक #समय तुम्हारे बस में नहीं #तुम्हारे बस में यह है कि मिला हुआ समय में मैं जो मर्ज़ी कर सकते हो #यह स्वतंत्रता तुम्हें मिला है #यह बात समझ में आ गई तो #सोचने का तरीका और जीवन दोनों बदल जाएगा। 29950 0 Hindi :: हिंदी
समय- तुम्हारे बस में नहीं, तुम्हारे बस में यह है कि मिला हुआ समय में- मैं जो मर्ज़ी कर सकते हो यह स्वतंत्रता तुम्हें मिला है- यह बात समझ में आ गई तो सोचने का तरीका- और जीवन दोनों बदल जाएगा...!!! -मोती