संदीप कुमार सिंह 13 Jun 2023 शायरी प्यार-महोब्बत मेरी आस तेरी आस पर शायरी 27858 0 Hindi :: हिंदी
तुम कहीं दूर मेरी आस में बैठी हो। मैं भी दूर कहीं तेरी आस में बैठा हूं । एक_दूजे के लिए यह अनजान खिंचाव। लगता है दोनों का मिलन होके रहेगा। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....