Meena ahirwar 06 Jun 2023 शायरी दुःखद शायरी- उलझन # वस्विकता की झलक। 28358 0 Hindi :: हिंदी
बहुत कुछ पाया , तो बहुत कुछ छूट जाता । कुछ याद रहता , तो कुछ यादों से ही मिट जाता। क्या हो रहा , ख़ुद ही समझ नहीं आता। कभी ख्वाबों को लेकर उलझे रहते, तो कभी हकीकत को ही समझ नहीं पाते। मीना अहिरवार, जिला- छतरपुर (म.प्र) ।