Prince Chandel 08 Apr 2023 शायरी समाजिक शायरी, हिंदी शायरी, काव्य पंक्ति 33865 0 Hindi :: हिंदी
खुद से नजरें मिलाना जब मुश्किल हो जाता है जब कोई अपना अपनों से रूठ जाता है | कोशिश यही रहती कि हमसे खुश रहें सब, ये वक्त का दस्तूर है साहब ये बुरा ज़रूर बनाता है || लेखक - प्रिंस चंदेल