*आनन्द की खोज*
एक नगर का राजा, जिसे ईश्वर ने सब कुछ दिया, एक समृद्ध राज्य, सुशील और गुणवती पत्नी, संस्कारी सन्तान सब कुछ था उसके पास, पर फ� read more >>
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एक देवरानी और जेठानी में किसी बात पर जोरदार बहस हुई और दोनों में बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक दूसरे का मुँह तक न देखने की कसम खा ली और � read more >>
हम यूं ही बोझ उठाते रहे ,
लोग आते रहे लोग जाते रहे ,
मेहरबानी उस अल्लाह _ताला की __
जिसकी बदौलत हम चार पैसे कमाते रहे ।
___शिव किशोर ,शाहजहां� read more >>
कविता संग्रह
1 बिछड़न.........
जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा...
ये कौन जानता है कौन किस जगह होगा...
तू मेरे सामने बैठा है और मैं सोचता ह� read more >>
*मेरी डायरी*
सरिता के विवाह की तैयारी जोरो - शोरों से चल रही थी... मेहमान आ गये थे... घर में बहुत रौनक थी... पर पिताजी का तो दिल बैठा जा रहा था read more >>
*कांटों वाले गुलाब*
रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे उसका फ़ोन आया "हेल्लो" किसी ने फुसफुसा - हट भरे शब्दों में कहा।
"हाँ, बोलो" उसने भी धीमे� read more >>