खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं,
जिसे भी देखो परेशान बहुत है
करीब से देखा तो निकला रेत का घर,
मगर दूर से इसकी शान बहुत है ।
कहते हैं सच का को read more >>
जब कोई इंसान जीवन कि असल सचाई जान लेता या में कहूँ पूर्ण रूप से अपने आपको जान लेता है। और सचाई के मार्ग पर चलता है तो कुछ लोगों को यह बात � read more >>
यह सवाल कही ना कहीं हम सब से जुड़े है
(1) ना जाने समय के साथ बच्चों को अपने माता -पिता बोझ क्यों लगने लगते है जिस माँ ने हमें जन्म दिया आज उ read more >>
सफर सड़कों का,
जो सफर को आराम बना दे,
मंजिल को आसान बना दे,
सड़को से कुछ इस तरह रिश्ता हो,
जो कभी भुला न सके,
बस सफर है सड़कों का ||
इन रास� read more >>
मैंने इस लेख में हर विषय पर बात कि है। तो कृपया यह ना सोंचे के में बार - बार बदल क्यों रही हूँ
जब जिन्दगी और लोग सताने लगे तो समझ जाना अब क� read more >>
सच कहते वो लोग जो कहते थें। कि हर चिज का आनन्द बच्चपन में आता है। एक बच्चपन ही ऐसा है। जिसमें किसी चिज का ज्ञात नहीं होता है। होता तो बस आ read more >>
आज मन कुछ उदास सा है। क्या कहूँ और क्या नहीं पिछे मुड़ कर देखती हूँ तो डर भी लगता है। और अच्छा भी यही बात भविष्य को लेकर है। पता नहीं आगे � read more >>