है कौन जानती है ,
किस घर जाएगी, वो एक दिन ।
बाबुल के आंगन से निकल,
सासरे का वंश बढ़ाएगी एक दिन ।
आई वो घड़ी जब उसका विवाह हुआ,
पत्नी बन पति read more >>
आ ही गया वो दिन,
जब तुम दौड़ने लगे हो ।
पांव ठीक हो गए है,
अब तुम खेलने लगे हो ।
खुश होता है ये दिल,
जब तुम खिलखिलाते हो ।
याद करके उस दिन क� read more >>
मन बसने लगा अब ब्रज की गलियन में,
चित्त जाय लगा,मधुबन की बगियन में।
बस उस श्याम प्रिया से लगी है प्रीति मेरी,
रैन न कटै जगै अखियां, भोर भ� read more >>
था उसे प्यार हमसे
ना रहा उसे, ऐतबार खुद पर
कसूर किसका है?
मझधार मे बह गया जिसका सब कुछ
बच गया वो दर किनार किसका है?
जो ना रहा अपने हक में
� read more >>