तू रहता कण-
कण में अविनाशी"!
"तू ही है तन-
मन में अविनाशी"!
"तेरे बिना जीवन-
का अस्तित्व ही क्या"!?
"तू ही जड़-
चेतन स्वयं विधाता"....!!!!
-मोती read more >>
"ज्योतिर्मय-
आपका जीवन हो"!
"पहरा-
आप का दिव्य पुंज हो"!
"खुशियां ही-
खुशियां मिले आपको"!!
सर्व-
भूतेषु शक्ति दुर्गे नमः"....!!!!
-मोती
!!"या द read more >>
"तेरी ये-
नज़र ही मेरा है धरम"!
"तेरी ही-
कृपा में मेरा हर करम"!
"भटक रहा था मैं-
एक अनजान डगर में"!!
"ये-मुरीद-
तू मुर्शिद ज्ञान डगर में"....!!!! read more >>
"जीवन-
को जाता है जो मार्ग"!
"भाई-
वही हृदय तक का मार्ग"!
"रूबरू करा दे-
हृदय स्थित परमानंद का"!!
"वह सद्गुरु-
संत-शिरोमणि भाई"....!!!!
-मोती read more >>
"इंसानों को बटते-
ये रंगभेद करते देखा"!
"कहते ईश्वर-अल्लाह-
भगवान् रूप कई देखा"!!
"सो भाषा बीच है-
नाम अनेक रूप कई देखा"!
"जगत धरा में रूप-
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