तुम्हें चाह कर हम कहां खो गए
बता दो हमें हम कहां खो गए।
ना जागते , न सोते हैं हम
नींदों में भी अब तो रोते हैं हम।
डराती है रातें अंधेरी सी read more >>
राह से भटका मुसाफिर सा हो गया हूं , मैं कहीं खो गया हूं
अपनो में ही गुम हो गया हूं, मैं कहीं खो गया हूं
गाड़ी का पांचवा पहिया हो गया हूं , � read more >>
दिल तेरा चाहे जैसे , रात गुजारेगे ।
जोड़ के नाम से तेरे नाम
खुद को पुकारे गे।
दिल तेरा, चाहे' ..............
हो..........
बाहों तेरी बैठ के, गिने आस� read more >>