अब मैंने गुनाह करना छोड़ दिया ,
अब मैंने इश्क़ बेपनाह करना छोड़ दिया ,
वह निकलती है मेरे सामने से कई एक बार दिन में__
अब मैंने उसपे निगाह � read more >>
तेरे आने की आस लिए बैठा हूं ,
सूखे लवों पर प्यास लिए बैठा हूं ,
तू एक दिन मेरे पास जरूर आएगी __
ये सोंच कर तोहफ़ा कोई खास लिए बैठा हूं ।
_ शि� read more >>
तेरे श्रंगारों में मैं ही तो बसता हूं,
तेरी हर अदाओं का मैं ही तो दिवाना हूं।
और कोई चेहरा ना पहचानु,
तूं ही तूं चारों तरफ_
तूं ही तूं चा� read more >>
(शायरी)
बड़ी मुद्दत के बाद उन से मुलाकात हुई,
उनके एक शब्द सुनते ही मन कुल्फी सा शीतल हो गया।
फिर तो हसियों की लड़ी में बात चलते रहे,
दोन� read more >>
खामोशियों, भाग 001 😁
शकुंतला घर से बाहर निकलने ही वाली थी कि जोरों की बारिश शुरू हो गई, हवा जोरों से चल रही थी बादलों की गरजने की आवाजें � read more >>
सूरज की पहली रोशनी,
जब आती सीधी ..!
दिखाई देते,
मेरे घर के, सामने वाली खिड़की .!!
उस खिड़की से, अंगराई लेती हुई
बंद आंखें की हुई, सामने नजर आ� read more >>