बहुत खुश देखा। हमने उन्हे उस दिन ।
जब वो अपने किसी,
एक पूराने साथी से मिले।
लगा रब से थी । आरजू यही ।
पर, रब ने,मन की मुराद अघूरी रख दी।
म� read more >>
ओ रिश्ता तोड़ देंगे जो किया था उम्र भर निभाने का,
अब और दिल नहीं करता खुद को और गवाने का,
एक हम है जो उनको राम समझते थे,
और ओ चुपके चुपके ग� read more >>
हम हर किसी के हो जाएंगे,तूने ये कैसा वहम पाल रखा है,
एक तेरे लिए अपने दिल से मजबूर है...
वरना तेरे जैसों को तो हमने ब्लैकलिस्ट में डाल रखा � read more >>
मुहोब्बत का एक अलग ही सुरूर है, मिया
जिसे मिल जाय बो मगरूर है।
जिसे छोड़ दे वो गम में चूर है।
नये आशिको के लिए इस में नूर है।
जो हर एक से म� read more >>