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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
पूरा होते ख्वाब दिख रहा है
देख ना अम्बरो मे, पूरा होते ख्वाब दिख रहा है अरे पगली जरा धीरे बोल, पूरा होने से पहले बोलना गुनाह है ✍✍💕💕💕💕👌🏾👌🏾💯💯💐💐
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तुझ्याशिवाय,,,,,,
तुझ्याशिवाय,,,, म्हणे नाती खूप अनमोल असतात जितकी मजबूत बनतात. तितकीच लवकर तुटत असतात खरचं ही नाती अतूट असतात का? जातांना म्हणालीस �
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बदलता रेहता है
की इस दुनिया में कितना कुछ बदलता रेहता है हर चार माह के बाद मौसम बदलता है बदलता है वक्त के साथ हुलिया किसीका तो कही किसीका वक्त बदलता ह
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बागे मोहब्बत
बागे मोहब्बत बागे मोहब्बत मै फूलों के नाजारे और भी है मेरी डूबती हुई कस्ती के किनारे और भी है तू अगर चांद का टुकडा है तो क्
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तुमसे प्यारा क्या लिखता
---------(तुमको तुमसे प्यारा क्या लिखता)---------- ज़िंदगी-ए-जान तुम्हारे साथ। इश्क़ में कायदा क्या लिखता। लिखने की तमाम कोशिशें किं मगर, "तुमको
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मेरा इश्क़
इन बेबाकियों मे भी बस तुम्हारी ही यादें हैं। गज़लें हैं , हां मगर मोहब्बत के कायदे हैं। समझ कर मानता हूं सब, की कुछ मजबूरी होगी। थोड़ी जज़
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मेरे दर्पण
कविता -मेरे दर्पण हिय का मेरे दर्पण हो तुम अर्पण और समर्पण हो तुम। अंदर से तुम बाहर से तुम मन का मेरे तर्पण हो तुम हिय का मेरे दर्प�
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बचपन की यादें
क्या वह भी दिन थे। बचपन था या स्वर्लोक धूप में खेले धूल में खेले मां बाप के गोद में खेले खेले साथियों के साथ में क्या वह भी दिन थे। मां
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बगैर आब के मछली की तड़प आब क्या समझे -मुहब्बत
बगैर आब के मछली की तड़प आब क्या समझे। डाल से टूटे पत्ते की तड़प डाल क्या समझे। जो किसी गैर की मुहब्बत में अपनों को भुला दे। वह मेरे दिल �
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मुक्तक _छंद
बहर:_2122,2122,2122,212 मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को। बदल लूंगा श्रम, कड़ा कर नीच सी तक़दीर को। तुम नगीना हो, खजाने की सजा दी हो मुझे_ खत्म �
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वो कहते है
वो कहते है की तुम्हे कोई मुझसे अच्छा मिलेगा ना क्या करे उस अच्छे का अगर जो पसंद है वो ही नहीं मिलेगा ना और नही रोऊँगा किसी गैर से तूम्ह
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मेरे रास्ते उसका घर
मेरे रास्ते उसका घर नही पडता, फिर भी उसके घर से होकर गुजरता हू! और इतना मसरूफ रखा है उसने खुदको, की खिडकी खोलकर भी देखा नही करता! और गला
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