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तुम्हे हर गली मोहल्ला ढूढ़ता हूँ पागलो की तरह तुम मुझे तारीक मे नजर आती हो चांदनी की तरह लेखक आदर्श पाण्डेय read more >>
ये बेवफा सनम ना जाने किसका हुआ है। ओढ़कर दुप्पटा नदी के तट पर बैठा है।। लेखक आदर्श पाण्डेय read more >>
सुबह शाम या दोपहर रात है क्या तुम आज आई हो क्या चांदनी रात है क्या बिन मौसम बोले कोयल क्या कोई बात है क्या सुबह शाम या दोपहर रात है क्य read more >>
तेरे जुल्फों की छाव में, बैठना चाहता हूँ। मगर धूप बहुत है ये कहना चाहता हूँ।। आज मदहोश कर दो अपने इन जुल्फों से मेरी जान तेरे इश्क़ में read more >>
तुम्हारी ही चाहतो ने हमे बिगाड़ा है। तुम जहाँ भी जाती हो,मैं वही चला आता हूँ।। ये कैसा प्रेम है ये कैसी चाहत है। अब तुमसे एक पल भी दूर ना read more >>
दिल अपना हो या गैर का कोई फर्क नहीं पड़ता बस दिल बड़ा होना चाहिए!! read more >>
तन्हा सा पा जब भीड़ में सोचा कोई अपना नहीं तकदीर में एक दिन अचानक ही तो मिले तो लगा कुछ खास था, हाथों की लकीरों में क्योंकि वो लकीरें त� read more >>
" "वो सिन्दूरी शाम" ओंस की वो वूंदें तुम्हारी ही तरह लगतीं हैं भींगी-भींगी-सी ... हरश्रृंगार की यह खुशबू भर देती है तुम read more >>
तू...मुझे मिल न पायी, सौभाग्य से...। इसीलिए तो रोज मिलता हूँ,यादों में...। नहीं तो तुम-हम,दूर-दूर होते इस स्वार्थी जमाने में...। read more >>
आखिर क्यों छोड़ते देते h जो लोग साथ हमारा जिसे हम जान से ज्यादा प्यार करते है read more >>
//... प्यार की एक नजर ...// देखो तो मेरी तरफ , प्यार की एक नजर... दिल-ए-नादान बहल जाएगा मेरा भी इधर . प्यार की एक नजर.........! काटे कटते हैं नहीं, स� read more >>
वो हंस-हंस कर थक गई मैं रो-रो करके थक गया वो प्रेम नहीं नाटक करती थी मैं नाटक नहीं प्रेम करता था प्रेम हमारे लिए पूजा की तरह थी प्रेम उन� read more >>
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