वो न झुकता है, न रुकता है, न डर की भाषा जानता है,
सीना ताने, मौत से आंख मिलाकर चलता जाता है।
जिसे धूप, बर्फ़, तूफ़ान नहीं कोई भी रोक सके,
वो � read more >>
कैसी खुशी कैसा ग़म
,,,,,, प्रतिभा खडेकार
,,,,,,,7517947668
,,,,,,,,,हर किसी को अपना दर्द दिखाई देता है ...
,,,,,,, हर किसी को अपनी खुशी दिखाई � read more >>