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दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मेरा नाम पूनम मिश्रा है मैं उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं। मैं साहित्य लाइव से कई वर्षों से जुड़ी हुई हूं, मुझे साहित्य लाइव की तरफ से पुरस्कृत भी किया जा चुका है। यहां मुझे अन्य लेखकों की लेख पढ़ने और उनसे कुछ सीखने का मौका मिलता है। मैं साहित्य लाइव का बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं कि मुझे एक ऐसा मंच प्रदान किया गया है। जिस पर मैं अपने विचारों को शेयर कर आप सब तक पहुंचा सकती हूं।
साहित्य लाइव का बहुत-बहुत धन्यवाद। साहित्य लाइव ने हमें लिखने का एक मंच दिया है। साहित्य लाइव में जुड़कर मैं बहुत कुछ सीख रहा हूं। क्योंकि हमें दिन में टाइम नहीं मिलता है इसलिए मैं रात को लिखा करता हूं। पहले बहुत लोग मेरा मजाक भी उड़ाते थे। परंतु जब से साहित्य लाइव पर मेरी कविताएं पब्लिश होने लगी हैं मैं बहुत गौरवान्वित महसूस करने लगा हूं। जय हिंद जय भारत।।
साहित्य लाइव से जुड़कर जो प्रसन्नता हो रही है, उसे शायद शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाऊँ। फिर भी इतना कहना चाहूँगा कि इस मंच के माध्यम से हम देशभर से जुड़ सकते हैं और अपने विचार साझा कर सकते हैं। चाहे पारिश्रमिक मिले या न मिले, कम से कम हमारे विचार लोगों तक पहुँच तो रहे हैं।
मुझे बहुत गर्व और खुशी है कि साहित्य लाइव मंच की सहायता के द्वारा हम अपनी दिल की बात जो कलम के माध्यम से लिखते हैं ,वह इस मंच की सहायता से उन सभी लोगों तक पहुंच पाती है ,जो हमारी कविता ,शायरी ,ग़ज़ल और आलखे को पढ़ने में रूचि रखते हैं और हमें प्रोत्साहित करते हैं। आशा करती हूं आगे भी आप सभी हमें ऐसे ही प्रोत्साहित करेगें । मैं आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं । धन्यवाद🙏✍️
मैं इस मंच के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट करता हूँ। यह मंच केवल लेखन का स्थान नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति का एक जीवंत संसार है, जहाँ हर भावना, हर विचार, और हर शब्द को सम्मान मिलता है। आपने अनगिनत कलमों को आवाज़ दी है, अनगिनत संवेदनाओं को सजीव रूप दिया है। आपका यह प्रयास यूँ ही निरंतर बढ़ता रहे — बहुत बहुत धन्यवाद
मुझे साहित्य लाइव अच्छा लगता है।
अपनी वर्षों की दबी हुई तमन्ना को फिर से मैने अंगड़ाई लेते देखा, जब साहित्य लाइव के बारे में मैने सुना। जी हां, बिल्कुल सही बात है आज के समय में जब इतना कंपटीशन बढ़ गया है कोई अपनी प्रतिभा को आगे लाने के लिए भी डरता है, वही साहित्य लाइव ने हम कवियों लेखकों को हमारी कलम एक बार फिर से उठाने के लिए मजबूर कर दिया है और मैं बहुत बहुत खुश हूं कि मैं जो भी लिखती हूं वो कही इंटरनेट पर जा रहा है मेरी कविताएं,मेरे लेख एक ऐसे प्लेटफार्म पर जा रहे हैं जहा उन्हें अपना एक मुकाम मिलेगा। दिशा लाइव ग्रुप का अंतरह्रिदय से बहुत बहुत आभार।।🙏🙏
My name is kalindri pal. I live in Ghaziabad (uttar pradesh). I am happy to sahitya live support.
I am very glad because due to sahitya live app I got a task and this is very nice.
Mujhe khushi hai ki jo me itne barson se dhundh rahi thi mujhe wo jagah mil gai hai apni rachnao ko prakashit karne ke liye
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