अभिषेक मिश्रा चकिया बलिया (उत्तर प्रदेश) के युवा कवि और लेखक हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने हिंदी में कविताएँ और लेख लिखने की शुरुआत कॉलेज जीवन में की और तब से लगातार अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक चेतना, मानवता और सकारात्मक संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभिषेक की कविताएँ अक्सर सत्य, सेवा, प्रेम और समाज में उजाला फैलाने के विषय पर केंद्रित होती हैं। उनकी रचनाएँ अनेकों प्रतिष्ठित मंच एवं अन्य साहित्यिक प्लेटफ़ॉर्म तथा पुस्तकों में प्रकाशित हो चुकी हैं। अभिषेक लगातार अपने साहित्यिक योगदान के माध्यम से युवा पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी, मानवता और नैतिक मूल्यों को जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं।