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Manju Bala

Manju Bala

Manju Bala

@ manju-bala
, Karnataka

I have done M.A in three subjects these are Hindi ,History ,Political science. I have also done M.Ed. , B.Ed. . Now I am pursuing Ph.D. Writing is my passion and Hobby. I have written many articles which are published in newspaper, and I wrote 50 short stories and many Poems. Nowadays I am writing a 📙 book. I am lecturer. Teaching is my job and love it . I started writing at the age of 13. Having a lot of experience in literature world , I can say that you will surely love my poems , stories and upcoming projects.

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My Articles

जिन्दगी में बौखलाहट बहुत है ! जिन्दगी में खींचातानी बहुत है ! जिन्दगी में ख्वाहिशें बहुत है ! जिन्दगी में तनहाइयाँ बहुत है ! जिन्दगी म� read more >>
कवि की आँखें देख रही है एक भयानक सपना हिंदुस्तान में घटने वाली है एक भयानक घटना सीने में जो ज़हर भरा है कई सालो से वो भयानक लावा अब फटन� read more >>
शोषण का तांडव नाच रहा है घर -घर हाहाकार मचा है | जुल्मो -सितम ने इतिहास रचा है घर -घर जैसे मातम मचा है कलियुग नंगा नचा रहा है लोगों मे read more >>
बनावटी जिन्दगी कितनी बनावटी जिन्दगी जीने लगे है हम ? झूठा रोने लगे है हम झूठा हँसने लगे है हम | एक चेहरे पर कई चेहरे लगा कर जीने लगे है ह read more >>
आत्मनिर्भर लड़की ज्योति बात कई सालों पहले की है मैं एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका थी मेरा परिवार शहर में रहता था और मैं एक गाँव में प read more >>
माँ माँ तो आखिर माँ होती है , माँ जेसी कोई कहाँ होती है माँ तो आखिर माँ होती है | जब भी अँधेरा छा जाता है , वह दीपक बन जाती है , इक अकेली र read more >>
मेरी माँ के घर के दीपक से , ये सूरज फीका लगता है | मेरी माँ के घर के आँगन से , मुझे यह शहर छोटा लगता है || हम लाख कमा ले दुनिया ज़हान की सारी दौल read more >>
उड़ने दो उन्हें खुले आसमान में फिर लौट कर वे ज़माने नहीं आते | जब माँ की ऊँगली पकड़ कर चलते हो वे बहाने जीवन में फिर कभी नहीं आते | जब पापा के � read more >>
बचपन बचपन है नाम किलकारियों का बचपन हैं पड़ाव चुटकारियों का पिता की दुलारे , माँ के आँखों के तारे दादा के लाठी , दादी की कहानी के � read more >>
मैं नारी हूँ , मैं नहीं हूँ अबला मैं नारी हूँ , मैं नहीं हूँ अबला मैं हूँ सबला | क्यों मुझे अबला कहा जाता रहा , क्यों हूँ read more >>
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