मां कहती थी तो सब सच लगता पता नहीं था मां को ऐसा क्यों लगता तेरे ही भरोसे छोड़ आए आंगन अपना मां कहती थी सब होगा अपने घर जैसा क्यों मां तुझ read more >>
हे भारत! मेरे भारत तू भगत है, तू बोस, है तू आजाद है तू सूरज की रोशनी है ,तू चांद की चांदनी है ,तो इंद्रधनुष का रंग है, तू सावन की बारिश है तू ब� read more >>
कि अगर दुनिया में आए हैं तो जी कर दिखाएंगे कि कोई शिकवा नहीं जमाने भर के लोगों से कि गिला नहीं गमों के झोंकों से कि अगर ठान ली है तूने ए ज� read more >>