दिल निकला बड़ा कम्बख्त ---------2
उस की यादों में रहता हर वक्त
हुक निकला उस के नाम से - -----
बन्दा गया काम से ---
ख्याल अपना कहाँ भूला
ऐ दिल कम्बख्त read more >>
सजा के मंडी -
गद्दी पे बैठ कर ;
ढोंग रचा रहा पाखंडी ,
ले के सब से वोट -
आघात किया दे के -
सब को चोट ;
तू भूल गया -
अपना परिचय ,
जो भी है तू -
है अप� read more >>
इस जहाँ में सब मतलब में जीते हैं ।
शराबी गम भूलने के लिए पीते हैं ।।
जीना उस से सिखों ----------💐
जो अपने लिए नहीं ----------💐
दूसरे के लिए जीते हैं � read more >>
सुख - दु: ख को लेकर साथ -
चल रहा जीवन रथ ;
सुख - दु :ख के पहियों से -
चलता जीवन धरा ,
दु:ख की बेला हो -
टूट जाए धैर्य तुम्हारा ;
अत्रु से नयन भर जाए read more >>