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दिल निकला बड़ा कम्बख्त ---------2 उस की यादों में रहता हर वक्त हुक निकला उस के नाम से - ----- बन्दा गया काम से --- ख्याल अपना कहाँ भूला ऐ दिल कम्बख्त read more >>
सजा के मंडी - गद्दी पे बैठ कर ; ढोंग रचा रहा पाखंडी , ले के सब से वोट - आघात किया दे के - सब को चोट ; तू भूल गया - अपना परिचय , जो भी है तू - है अप� read more >>
इस जहाँ में सब मतलब में जीते हैं । शराबी गम भूलने के लिए पीते हैं ।। जीना उस से सिखों ----------💐 जो अपने लिए नहीं ----------💐 दूसरे के लिए जीते हैं � read more >>
सुख - दु: ख को लेकर साथ - चल रहा जीवन रथ ; सुख - दु :ख के पहियों से - चलता जीवन धरा , दु:ख की बेला हो - टूट जाए धैर्य तुम्हारा ; अत्रु से नयन भर जाए read more >>
पात्र परिचय परिमल - परिवार का मुख्य मधुरी - परिमल का पत्नी भोला - पालतू कुत्ता ( परिमल का ) करिश्मा - परिमल का बेटी कृष्णा - परिमल का ब read more >>
लड़का :- मेरे मेहबूबा , मेरे सनम तुम हो दूर ओ दिल के कितने पास है कैसे कहूँ जाने तमन्ना तू ना बुझने वाली प्यास है read more >>
लड़का :- हल्का - हल्का हो रही बरसात है चाँदनी रात तेरे - मेरे मिलन का पहली रात जवाँ अपना जज्बात थाम के एक - दूजे के read more >>
चैन - बैन खो गया मेरा देख के चेहरा तेरा तेरी चाह में दिल निकल पड़े सपनों की राह में ख़स्ता बेचारा दिल है मेरा आरजू है आसरा मिले तुम्हारा read more >>
कितनी हसीन चेहरा देख के तुझ को तमन्ना है मुझ को दिल में बनाऊँ तेरा छवि बन के प्रेम कवि लिखूँ कविता का छन्द कैसे कहूँ , तुझे करने लगा ह� read more >>
बूढ़ी औरत - बेला की मार बुरी ; औरत कितनी बूढ़ी , करती दिवा में मजदूरी - गिट्टी बिछाती रेल पट्टी में - कर्म - भू बुटीबोरी ; कौन छीना रोटी - भात , read more >>
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