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My Articles

पथ मेरा विस्तृत हो जाए जब मैं जाऊं उसकी ओर। कठिन पगडंडिया मिल जाए जब मैं जाऊं उसकी ओर । पांव में मेरे छाले पड़ जाए प्यास और आकुलता आए read more >>
सुख दुख की जीवन गाथा कैसे ये पार उठाता मेरे पलकों का सावन बिन बात बरस जाता। आते हो जीवन बसन्त तुम निश्छल, मदमाता गाते ये पथरायीं प्य� read more >>
वो गुमनाम हथेलियां बदनाम कर गई। कहां की सुबह कहां की शाम कर गई। सोचा था, सितारों में मेरा नाम होगा तुम्हारी खोज में जिन्दगी हराम हो � read more >>
बिन मौसम बरसात, रहा तुम्हारा साथ जीने की अनुकंपा में जुड़ा रहा अध्याय बड़ी जटिलता की बेड़ी से थामा तुम्हारा हाथ शान्त और अति क्लान read more >>
छोटी पंक्तियां प्रथम फूल पर मुसकाकर मैंने बात बना ली थी। मैंने मिट्टी पानी से पौधे नयी उगा ली थी। जीवन की बगिया फूलों से भरी रहे � read more >>
प्रेम का बीज जैसे दबाया उधर उनको दुख का समीकरण समझ आ गया। नेह बन्धन बने, साथ चन्दन बने मेरे सपने पर दुनिया का मन आ गया। बात हम भी किये, ब� read more >>
आज आओ, मन की घाटी में चलें। जो जहां रुक आए उससे फिर मिलें। साथ का साथी नहीं विश्वास से जो जागता जो उड़ानों की पहुंच से पार मुझको थामता� read more >>
बिना दीप के जलना चाहूं। बिना साथ के लड़ना चाहूं। रातें हैं बेजान मगर बिना रात के रहना चाहूं। खुशियों की भरमार बहुत है फूल हमारे पास read more >>
बस बातों की बातें हैं बातों की पीड़ा जाने कौन! चाहे जितना मरहम लगा लो चाहे जितना साक्ष्य जुटा लो बातों की पीड़ा जाने कौन! अपनी यादों � read more >>
मैं अकिंचन भूल आयी रीति का इतिहास कैसे! प्यास की इस भूमि पर मैंने उगाया बीज कैसे! उषा विवश थीं सामने रात्रि का घनघोर तम ले उजाले के द� read more >>
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