[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Sudha Chaudhary
Home
Author
Sudha Chaudhary
Sudha Chaudhary
Sudha Chaudhary
@ sudha-chaudhary
, UP
Followers:
12
Following:
7
Total Articles:
169
Follow
View Certificate
Share on:
My Articles
मेरे सपनों में तुम रहे ऐसे-मैंने सपना नहीं कहा तुमसे
मैंने सपना नहीं कहा तुमसे मेरे सपनों में तुम रहे ऐसे मुझ में समुद्र की वीरान सी लहरें आती-जाती रही जैसे। मेरी आंखों से होकर ख्यालों �
read more >>
मैं क्या करूं तुम जीत ना पाओ-मैं क्या रोकूं तुम चल पाओ
मैं क्या सोचो तुम सुन पाओ मैं क्या रोकूं तुम चल पाओ। मेरा अंधकार पुराना है जीने का मतलब नाना है सौ बार कहो हर बार कहूं मैं क्या खोऊं ज
read more >>
आज फिर याद तेरी आई है -गम के बादल यहां पर लाई है
आज फिर याद तेरी आई है गम के बादल यहां पर लाई है। सुलगते अरमानों की दुहाई क्या दूं मेरे अन्दाज से बिखर गई है। गर्म बांहें वफ़ा की गर्म�
read more >>
वीरों देश पर जान लुटाने चले हैं
वीरो देश पर जान लुटाने चले हैं जरा ठहर जाओ दीवाने चले हैं। अगर आग सीने मैं जल ही गई है डर है हमें क्या, दुश्मन भगाने चले हैं। मिट्टी प�
read more >>
मुझको नूतन संसार चाहिए-मुझे चाहिए ऐसा बंधन जिसका काल नहीं कोई
मुझको नूतन संसार चाहिए मुझे चाहिए ऐसा बंधन जिसका काल नहीं कोई मुकुट धरों का मुकुट चाहिए मान और सम्मान चाहिए अधिकारों की बात करें तो
read more >>
क्षणिकाएं-गम्भीर होते हुए भी मेरे सम्बन्धों का टूट जाना
कुछ क्षणिकाएं- गम्भीर होते हुए भी मेरे सम्बन्धों का टूट जाना याद दिलाता रहा तुम्हारे अनकहे भावों को। २- घर में चोरी हुई सामान की न
read more >>
जितनी रोशनी मिली उतने तुम नहीं मेरे -जितनी चांदनी रही उतने तुम नहीं मेरे
जितनी रोशनी मिली उतने तुम नहीं मेरे जितनी चांदनी रही उतने तुम नहीं मेरे। साथ ग़म का रहा दूर न जाने पाए सिसकियां देखने क्यों आए नहीं �
read more >>
झूठी उम्मीदों को लेकर-आश लगाए बैठे थे
झूठी उम्मीदों को लेकर आश लगाए बैठे थे। हम उतने काबिल थे ही नहीं जितने की बताये बैठे थे। आधार तुम्हारे मन का था सहज भाव सा जीवन था अनु�
read more >>
कब समर्पित कर तुम्हें -कुछ पाऊंगी मैं
कब यह नेत्र आंसुओं से रिक्त होंगे क्या ह्रदय खुलकर कभी हंस पाऊंगी मैं। यह सृजन क्षण में नहीं होगा कभी मांगू अगर आकाश तो बादल ही पाऊंग�
read more >>
तुम गम ए हयात लेकर आओ- मैं पुरवा चांद बन जाऊं
तुम गम ए हयात लेकर आओ मैं पुरवा चांद बन जाऊं। तुम सघन दीपक जलाओ मैं बरसा आज बन जाऊं। सुधा चौधरी बस्ती
read more >>
« Previous
Next »
Showing
31
to
40
of
169
results
‹
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
...
16
17
›
Share on:
Facebook
Twitter
Linkedin
WhatsApp
Pinterest
Telegram
Copy Share Link
Copy
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder