कविता - ( दुख )
सुख में न जीना आया !
दुख ने सिखाया जीना !!
दुख भला हो तेरा !
जो पत्थर बन गया हीरा !!
सुख में न जीना आया !
दुख ने सिखाया जीना !!
स� read more >>
🌟 कविता = ( यह दुनियाँ है बाज़ार )
यह दुनियाँ है बाज़ार !
यह दुनियाँ है बाज़ार !!
यहाँ बाप बड़ा न भईया !
यहाँ सबसे बड़ा रूपइया !!
बस पैसे की भाष� read more >>
कविता = ( केरल कहानी )
वेद शास्त्र जो हमें मिले !
हमने उनको कहाँ पढ़ा !!
ये दौलत जो हमें मिली !
हमने उसको दिया लुटा !!
शिक्षित होकर भी अशिक्ष� read more >>
कविता = ( कलयुग )
कथनी करनी में फ़र्क़ हुआ !
यह कलयुग का प्रभाव !!
कर्म हुए दानव जैसे !
बातों से भगवान !!
भगवा भी बदनाम हुआ !
भगवे में शैतान read more >>
कविता = ( कामना )
कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम !
कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !!
मन घोड़े पर कामना सवार !
मन घोड़े की पकड़ी लगाम !!
पेट दिया त read more >>
कविता = ( भगवान )
आत्मा ही परमात्मा !
फिर भी ढूंढ़ें भगवान !!
पत्थरों में तराश रहा !
रोज़ नए भगवान !!
आत्मा की बददुआ !
न खाली जाए वार !!
आत्मा � read more >>
कविता = ( किरदार )
एक पर्दा है संसार !
हम सब हैं एक किरदार !!
अदाकार की अदाकारी !
देख रहा वो बैठा पार !!
ख़त्म न होती यहाँ कहानी !
बस बदलते हैं क read more >>
कविता ( गिला )
रब से न कोई गिला !
जो मिला सही मिला !!
फ़क़ीरी में, मैं हूँ पला !
फ़क़ीरी का भी हो भला !!
फ़क़ीरी से ही सीखा हूँ !
जीने की हर कला read more >>
कविता ( ख़ानदानी )
ख़ानदानी उनको !
कहता ये जहान !!
चरित्र से जो गिर गए !
पैसे से मालामाल !!
नग्नता की देखो !
क्या दी मिसाल !!
फ्रैंकली शब्द क� read more >>