मन सोचता है तन नोचता है, दिल कहता है संभल जा यारो । अभी बात अधूरी है मुलाकात अधूरी है, अपनो से मिलने वाली सौगात अधूरी है।कलियों के आगे भव� read more >>
धीरे धीरे ही सही हृदय में आग सी जल तो रही है,
धीरे धीरे ही सही किताबे पढ़ते हुए रात ढल तो रही है,
धीरे धीरे अब ये फसल गल तो रही है,
धीरे धीर read more >>
चंगे दिल को तुने नंगा बना दिया, जा वेवफा तुने इस दिल पे हि दिल से दंगा करा दिया।तुझे दिया जमाने कि हर वो खुशी, पर मुझको ही तुने भिखमंगा बन read more >>
क्या कहु ये आँखे क्यू तु आज भी रोता है, जब दर्द अपनो ने ही दिया है फिर क्यो पिरोता है।कुछ तो मजबूरिया होगी उनकी भी जो तुझे दर्द दे गया, उस � read more >>