#बहर:-122 , 122, 122
#काफिया:-ई
#रदीफ़:- कहानी
ग़ज़ल
हमारी अधूरी कहानी,
बनी है गजब ही कहानी.
कहूँ जो इसे तो सुने सब,
सकूं ले करारी कहानी.
हम� read more >>
समझते हैं लोग क्यों-
हम अलग हैं आपसे,
समझते हैं लोग क्यों...
जीवन की चाह दिया-
चाहो जी भर के,
जियो जी भर के...
समझते हैं लोग क्यों-
हम अलग ह read more >>