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ओ देश के विर पुत्रो,नव युवको जागृक हो,सचेत रहो,भान रखो कि भष्ट्राचार से,देश द्रोह से देश दुबळा आज हो रहा हम लाचार क्यो ?-2 याद करो वो क्र� read more >>
____ज्ञान के तेज से___ ज्ञान के तेज से ओजस्वी क्रांति लाओ लढके लढाईया देश को बचावो॥धृ॥ सारा चमन अपना, देश का गौरव करता पर कुछ जगह भ्रष्टा read more >>
____प्राण से बढकर तिरंगा ___ हमे तिरंगा प्राण से भी बढकर है ये हमे स्वाभिमान का रंग लगे उचाई पे फडका जो लहर लहर लहरता वो खुशीका कोई आज ना ठ� read more >>
( प्रथम अंतरा ) आवारा दिल चलता, हवा के साथ गुनगुनाता। सुर जो बनते तेरे ही नाम, जहां में जहां-जहां चलता....(2) आवारा दिल चलता, हवा के साथ गुन� read more >>
तर्ज=>काए करत नए नए हैरान जय हो गणराजा जू तुम हो महान पूजत है तुम खा जो सारो जहान माँ गोरी के प्यारे पिता शम्भू के दुलारे! तुम एक दन्� read more >>
आ गए तुम प्रिय ! आ जाओ जरा .!ठहरो सुनो! अपनी दिनभर की परेशानियों को बाहर ही छोड़ आओ प्यार और एक दूसरे के ऊपर विश्वास की भावना के आधार पर. read more >>
क्यों? न! प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाई ! क्यों ?मैं दौड़ती रही उस कठिन समय में तुम संग अकेले ! क्यों ?न राह के कांटे को मैं समझ पाई ? जो मैंने read more >>
जब हम जिंदगी जीना सीख चुके थे अपने सपनों को हकीकत में बदलने की कोशिश कर चुके थे गमों को भूलाकर खुशियों से रिश्ता जोड़ चुके थे फिर क� read more >>
लड़का :- कैसे यक़ीन दिलाऊँ मेरे मेहबूब सनम तुझे कितना प्यार मैं करता हूँ कैसे यक़ीन दिलाऊँ मेरे मेहबूब सनम त� read more >>
चुपके हा हा चुपके रहना आपके दिल में हमको छुपके चुपके-चुपके हा हा चुपके उस चांदनी को देखो बैठी है चाँद से वो रूठे चाँद मनाये उसको चुपके � read more >>
भगवान भोलेनाथ के श्रीचरणों में, सादर साष्टांग निवेदित, स्वरचित लोकभाषायी अवधी रचना। ----------------------------------------------------- हथवा त्रिशूल,डमरू,नन्दी पे read more >>
स्वरचित रचना--- एक दर्द होता तो....! संदर्भ--- दर्द एक दर्द होता तो सह लेते हम। एक बेदर्द होता तो रह लेते हम। पर यहां तो पड़ा हू read more >>
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