Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
एक गरीब बच्चा था।जिसके माता-पिता नहीं थे। बचपन में ही उसके माता-पिता गुजर गये थे।उसके एक बूढ़ी दादी थी जिसने उसको पाला था।वह दूसरों के read more >>
सात साल का एक छोटा लड़का था।वह गरीब परिवार से था।घर में उसके माता-पिता उसकी एक बहन थी।जब वह अपने पापा के साथ बाहार जाता था।लोग उसके पित� read more >>
कहूं क्या कहानियां, जीने के लिए बनी हैं। ना जाने कितनी पहेलियां, हैं एक उलझन जीवन सुलझ के भी ना सुलझ पाये।एक थी मासूम सी लड़की था खुशहाल read more >>
कल्पना एक ऐसी सोच का नाम है जो हुआ नहीं हैं आगे होगा या नहीं पता नहीं हैं।एक सपने की तरह सच होगा या नहीं।ऐसे ही सादी होने से पहले लड़िकय� read more >>
एक मां के दो पुत्र थे। उनके पति का कुछ दिन पहले अकास्मिक मौत हो गई थी। मां अपने दोनों पुत्र को पहले से और अधिक प्यार करने लगी। तथा मां_बा� read more >>
भावना मन से प्रकट होती हैं । भावनाएं प्रेम ,सुख , दुःख दोनों की होती हैं।जैसे जीवन की स्थिति होती है,वैसे ही भावनाएं होती है। परिस्थिति read more >>
एक लड़का एक लड़की से बहुत प्यार करता था पर एकदिन उसे किसी काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ जाता है और जब वह आता है तो वह उस लड़की को दूसरे read more >>
जीवन क्या है? आप जिस नजरींसे से देखते हैं ओ जीवन है। जिंदगी कभी खुशी है तो कभी गम है खुशी में तो सब अच्छे से जी लेते हैं जिंदगी जीते read more >>
झूम रहें खुशियों से, धरती - आसमान। मौसम भी हुआ है, मनोहर बेहद जबान। पूर्णीमा की, आने वाली है चाँदनी रात- चमचमाती तारों ने,सँभाल रख� read more >>
तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं , नासमझ हीरे को भी पत्थर क़रार देते हैं । ठंडे दिमाग़ से सोचो , तराशे जाने पर क्या पत्थर को हुआ क� read more >>
यह कहानी गांव में रहने वाले एक अमीर सेठ जी कि है जो हमेशा सब की मदद किया करते थे एक दिन दोपहर के समय सेठ जी के घर पर दो गरीब बच्चे आये और आत read more >>
कल रात से जब से मां का फोन आया है मैं थोड़ा विचलित सा महसूस कर रहा हूं । बहुत दिन हो गया मैं अपने घर वाराणसी नहीं गया पता नहीं क्यों? जब स� read more >>
Join Us: