⭐ कविता = ( खादी )
एक खुदा के हम सारे बंदे !
धर्म की आड़ में खुल गए धंधे !!
खेल रहे हैं खेल यह गंदे !
अवाम में हो गए सारे नंगे !!
कुर्बानियों से � read more >>
इस दुनिया मे वही महान,
करे जो माँ बापू का मान!
बडो का वो भी कहना माने,
छोटो को भी दे सम्मान !
सांच कहे या झूठ कहे,
उसका जो कभी न देता जवाब!
द� read more >>