कविता आज बनी सबकी आदत है
गम सहने की,
चुप रहने की,
आज बनी सबकी आदत है!
अश्रु बहने की,
बस डरने की,
भय से रहने की आदत है!
कब सोचोगे
कुछ करने � read more >>
स्कूल में शिक्षक ने खूब हमे सिखाया और उस A से Z तक के सफर ने खूब हमे रुलाया......LKG तक तितलियां उड़ने लगी थी अंबर और first class तक सीख चुके थे हम roman number. read more >>
जिंदगी कभी इतनी छोटी सी लगती है कि पता नहीं चलता कि ये पल कब गुजर गए, अपने ही नाराज होने लगते हैं आज कल ये कैसा दिखवा है पैसा इतना बड़ा हो � read more >>