उड़ने दो मुझे खुले आसमान में, फिर लौटकर ये समय नही आएगा।अब मां बाप के साए में उछलती हुं, पर ये लम्हा जीवन में कभी नहीं आएगा। मेरी वो हसीं, read more >>
लेकर पंख सपनों के, आ पहुंची में मेहनत के देश। पर यहां लगता है पराया सा व्यक्ति हरएक। फिर एक झलक पीछे देखा, तो चुनौती से भरी राह को देखकर, � read more >>
बिप्ता आन पड़ी है बाबा, मेरी भी सुन लो ना बाबा थोड़ी सी खुशियां मेरे नाम भी करदो ना बाबा, ये दुआ मेरी काबुल कर लो ना बाबा, मेरी उम्मिद टूट � read more >>