शीर्षक (कुछ कमी सी है।)
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर)
तू नही है पास मेरे कुछ कमी सी है।
तेरे ना आने से आँखो में कुछ नमी सी है।
इस दिल में read more >>
कविता - ( ग़ज़ब )
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनक read more >>
जब हम सफर पर निकले तो पता चला दुनिया में कई और भी हमसफर की तलाश में है ।
शराबी से पूछा तो पता चला जीवन का सार शराब में है ।
वैरागी के पास ग� read more >>