Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Certificate is not issued to the author at present. Minimum 10 articles should be published on Sahity Live website to get the certificate.

खुद में खुदा तू पाएगा-खुद में तू झांक खुद में तलाश

धर्मपाल सावनेर 26 Sep 2023 शायरी समाजिक #Dharam singh# bohot #khubsurat# shayri# 61096 0 Hindi :: हिंदी

घरों मे नही दफ्तरों में नही 
सुकु अकेलेपन मे है लश्करो में नही ।।

खुद में तू झांक खुद में तलाश
खुद में खुदा तू पाएगा पत्थरों मे नहि ।।

Dharam singh rajput
8109708044

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

मेरे नजर के सामने तुम्हारे जैसे बहुत है यहीं एक तू ही हो , मोहब्बत करने के लिए यह जरूरी तो नहीं read more >>
मीठी-मीठी यादों को दिल मैं बसा लेना जब आऐ हमारी याद रोना मत हँस कर हमें अपने सपनों मैं बुला लेना read more >>
दोस्ती करो तो धोखा मत देना दोस्तों को आंसुओ का तोहफ़ा मत देना दिल से रोए कोई तुम्हे याद करके ऐसा किसी को मौका मत देना।। दोस्ती तो सिर� read more >>
Join Us: