Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

अँधेरा ओढ़े लोग”

Nihal singh 18 Mar 2026 ग़ज़ल दुःखद #हिन्दी शायरी # दिल का दर्द #निहाल #ग़ज़ल #अँधेरा ओढ़े लोग #समाज का सच #सच 14995 0 Hindi :: हिंदी

# अँधेरा ओढ़े लोग | दर्द, सच और तन्हाई पर एक  ग़ज़ल  

*यह ग़ज़ल उस सन्नाटे की कहानी है,  
जहाँ दर्द बोलता नहीं — बस भीतर जलता है।  
जहाँ सच अक्सर अकेला होता है,  
और इंसान अपने ही सवालों में खो जाता है।*  

---

दुख-दर्द ये अल्फ़ाज़ बहुत कंजूस लगते हैं,  
जब ख़ून के आँसू भी रोके से नहीं रुकते हैं।  

मेरे ग़म के हमराज़ हैं ये जुगनू भी,  
आधी रात में हम भी उनके संग जलते हैं।  

हमने खामोशी को ही अपना लहजा बना लिया,  
अब अल्फ़ाज़ भी अक्सर हमसे डरते हैं।  

तेरे वादों के सदक़े में ये हालात हुए,  
ज़हर जानकर भी हम उसे दवा-सा पीते हैं।  

भूखा पेट गवाही है मेरे ईमान की,  
वरना बेआबरू लोग हवा में उड़ा करते हैं।  

सच तो यहाँ अक्सर सलीबों पर चढ़ता है,  
झूठ के क़िस्से हर मोड़ पर बिकते हैं।  

मैं किसी की मंज़िल से पहले का ठिकाना था,  
लोग अक्सर मंज़िल पर ही ठहरा करते हैं।  

ये ज़मीं रिश्ते में मेरी माँ-सी लगती है,  
अब इसी की गोद में हम सोना चाहते हैं।  

बेउम्मीद हैं हम, मगर बेआसरा तो नहीं,  
आसमान छत है हमारी — अँधेरा ओढ़ सोते हैं।  

निहाल को तुम हर मोड़ पे तन्हा ही पाओगे,  
हवा के साथ तो अक्सर ज़माने के लोग चलते हैं।  

---

✍️ — निहाल सिंह  

---

*अगर यह ग़ज़ल आपको छू जाए,  
तो अपनी राय ज़रूर साझा करें।*

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

Sahil se poocho kinaro p kya likha h Lekhak se poocho kitabo m kya likha h Kyu dekhte ho tum jamane ki kmiyo ko Are khud s to poocho tumne kya kiya h read more >>
Dil mein jazbaaton ke hua tufan bhi nahin Rahe Pahle se hasin mere mehman bhi nahin Rahe❤️ Ye waqt Na jaane Kahan Le ja Raha hai mujhe Shahar mein is tehzeeb ke kadardaan bhi nahin Rahe❤️ Shauk jagah hai tabiyat mein gule afshani ka Magar mere aangan mein gulistaan bhi nahin Rahe❤️ Umre nadan nikal gayi alvida keh kar mujhe Mujp read more >>
पल भर भी तुम्हें हम अपनी यादों से हटा ना पाए चांदनी चली गई तो घर में शम्मा जला ना पाए💖💖💖 महफिल में जाते हैं तो तेरी याद आती है सनम तेरी read more >>
Join Us: