Nihal singh 24 Dec 2025 ग़ज़ल अन्य #ग़ज़ल #शायरी #मोहब्बत #इश्क़ #एहसास #निहाल 18597 1 5 Hindi :: हिंदी
अब ये बात कहने की नहीं लगती वो बेवफ़ा है मगर हमें नहीं लगती उसके साथ की है छाँव इस क़दर कोई गर्म हवा भी अब नहीं लगती उस्ताद अव्वल थे भैरवी के, पर वो किसी की जागीर नहीं लगती इतना नूर था उनकी पेशानी पर कि बानूर अब चाँदनी भी नहीं लगती उनकी आँखों में देख कर लगा निहाल मुहब्बत एकतरफ़ा तो नहीं लगती
5 months ago