MUSARRAT ALI 03 Jan 2026 गीत प्यार-महोब्बत Khamosh_Alfaz 13467 1 5 Hindi :: हिंदी
हो गयी है शाम अब तो आरे पिया आके महफ़िल की शम्मां जला जा फिर जलाकर शमां को न जारे पिया हो गयी है शाम अब तो आरे पिया । काटने से भी राते ये कटती नहीं कितनी लम्बी है रातें जो घटती नहीं उलझनों में है जोगन पुकारे पिया आके महफ़िल की शम्मां जला जा फिर जलाकर शमां को न जारे पिया हो गयी है शाम अब तो आरे पिया । मेरे कुदरत का तु सबसे प्यारा सनम लगता फुर्सत से तुझको संवारा सनम कैसा होता है जन्नत दिखा रे पिया आके महफ़िल की शम्मां जला जा फिर जलाकर शमां को न जारे पिया हो गयी है शाम अब तो आरे पिया । ............ अली मुसर्रत मिर्ज़ापुरी
4 months ago