Tanvi saini 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद Best poem 87515 4 4.5 Hindi :: हिंदी
नजरें
मत कहो उसके कपड़े छोटे हैं
मत कहो उसमें संस्कारों की कमी है
मत कहो वह चरित्रहीन हैं
मत कहो वह आवारा है
मत सोचो वह मौन हैं
एक बेटी हैं वो , उसे प्यार दो
एक बहन हैं वो , उसे स्नेह दो
एक पत्नी हैं वो , उसे इज्जत दो
अपनी माँ बाप की दुलारी हैं वो
अपने घर की शान हैं वो
गलत उसके कपड़े नही , तुम्हारी नजर गलत है
बंधन लड़की की आजादी पर ना लगाओ
बंधन अपने संस्कारो पर लगाओ
ये उसके संस्कारों की कमी नहीं है
ये कमी हमारी घटिया सोच की है
बेटा नशा करके घर आता है
क्या हम उसको घर से निकाल देते है
बेटा रेप करके घर आता है
क्या हम उसको arrest होने देते है
नहीं ना क्योँ ? क्योंकि वो बेटा हैं
बेटी किसी लड़के से बात करती मिल जाये
तो उसने तुम्हारी नाक कटवा दी
बेटी किसी के साथ घूमने चली जाए
तो उसने तुम्हारी इज्जत मिट्टी में मिला दी
क्योँ ? सिर्फ इसलिए क्योंकि वो बेटा नहीं बेटी हैं
( सोच बदलों , नजर बादलों , जग बदल जाएगा )
3 years ago
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