Anilkumar Rathwa (Sameer) 22 Sep 2025 कविताएँ अन्य फ़रियाद 15258 0 Hindi :: हिंदी
चाँदनी रात में जब तन्हाई घेर लेती है, दिल की धड़कनें भी सिसकियों में बदल जाती हैं। हर मुस्कान के पीछे छुपी होती है लकीरें दर्द की, और होंठों से निकलती नहीं, बस आँखें कह जाती हैं। कितनी बार सोचा कह दूँ सब हाल-ए-दिल, मगर दुनिया सुनने से पहले ही जज कर जाती है। जहाँ उम्मीद थी आसरा मिलेगा किसी का, वहीं रिश्तों की दीवारें दरक कर गिर जाती हैं। फ़रियाद है ख़ुदा से— ये सफ़र आसान कर दे, ग़मों के साए को मेरी राहों से अनजान कर दे। फ़रियाद है उन अपनों से— जो भूल गए वफ़ा का मतलब, कभी पलट कर देख लें ये दिल अब भी उन्हीं के नाम करता है सज्दा। फ़रियाद है वक्त से— थोड़ा ठहर जा, इतनी तेज़ी से क्यों गुजरता है? ज़ख़्म तो अब भी ताज़ा हैं, मरहम लगाने का मौका क्यों नहीं देता है? कभी-कभी लगता है फ़रियाद सिर्फ़ आवाज़ नहीं, बल्कि टूटे दिल का वो आईना है जिसमें बिखरे टुकड़े भी रोशनी तलाशते हैं।