Anilkumar Rathwa (Sameer) 05 Oct 2025 कविताएँ समाजिक "हमेशा हिम्मत रखो और आगे बढ़ो" 12927 0 Hindi :: हिंदी
जीवन की राहें आसान नहीं होतीं, हर मोड़ पर कोई परीक्षा खड़ी होती है। कभी वक्त ठहर जाता है, कभी किस्मत रूठ जाती है, पर जो चलता रहता है, मंज़िल उसी की होती है। हार को अंत न समझो, ये तो एक नया सबक है, गिरना बुरा नहीं, अगर उठने का जज़्बा अब भी बाक़ी है। थोड़ी ठोकरें, थोड़े आंसू, यही तो पहचान हैं, जो संघर्ष को अपनाए, वही सच्चे वीर इंसान हैं। हमेशा हिम्मत रखो और आगे बढ़ो, डर को अपने कदमों के नीचे रखो। मुसीबतें आएंगी, ताने सुनने को मिलेंगे, पर जो खुद पर यकीन रखे, वही सपने सिलेंगे। कठिनाइयाँ तो उस दीपक जैसी होती हैं, जो अंधेरे में भी जलना जानता है। हवा उसे बुझाने आती है, पर वो और चमकना जानता है। तुम भी वही दीपक बनो — जिसे तूफ़ान हिलाए, पर गिरा न पाए, जो रोशनी बन जाए उन लोगों के लिए, जो अंधेरों में उम्मीद खो जाए। भगवान भी उसी से खुश होता है, जो रुकता नहीं, जो झुकता नहीं, जिसकी आस्था अटूट हो, और जिसकी नीयत में सच्चाई हो। तुम इंसान हो, पर तेरे अंदर ईश्वर का अंश है, अगर तू ठान ले, तो हर असंभव भी संभव बनता है। तो अपने डर को पीछे छोड़ो, अपने सपनों की राह पकड़ो। कदम डगमगाएँ, तो याद रखना — पहला कदम ही सबसे मुश्किल होता है, उसके बाद रास्ते खुद बन जाते हैं, और मंज़िलें खुद बुलाती हैं। हमेशा हिम्मत रखो और आगे बढ़ो, जीवन की यही सबसे सुंदर सच्चाई है। जो खुद पर भरोसा रखे, उसे कोई ताकत रोक नहीं पाती है।