Anilkumar Rathwa (Sameer) 19 Oct 2025 कविताएँ समाजिक "वर्तमान का सम्मान" 10346 0 Hindi :: हिंदी
जो बीत गया, वह सपना था, जो आने वाला है, वह कल्पना है। पर जो पल अभी तेरे संग है, वही तेरी असली साधना है। भविष्य की चिंता में उलझकर, कई लोग आज को खो देते हैं। कल के सपनों की चाहत में, वर्तमान से मुँह मोड़ लेते हैं। पर जिसने आज को थामा है, उसने किस्मत का रुख मोड़ा है। जो हर पल को मेहनत से सींचे, उसने ही जीवन को जोड़ा है। वर्तमान ही है जीवन का दीपक, जिससे भविष्य का मार्ग जगमगाता है। जो आज सही दिशा में चलता है, वह कल सफलता का गीत गाता है। बीज आज बो, फल कल मिलेगा, यही प्रकृति का नियम पुराना है। जो आज को सँभाल सके सच्चे मन से, उसका कल सदा सलोना, सुहाना है।