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Poonam Mishra 29 Jan 2026 आलेख समाजिक सवर्ण / और उनकी आवाज उठाते हुए लेख 7306 0 Hindi :: हिंदी

देश के विकास में आपने बहुत योगदान दिया है। मैं खुद उस शहर से हूं जो आपका संसदीय क्षेत्र हुआ करता है‌। आपका नारा सबका साथ, सबका विकास मुझे बहुत प्रिय। है ।
मैंने आपके विकास को यहां भी देखा है। परंतु आपने जो यूजीसी का बिल यूनिवर्सिटी और उच्च संस्थानों के लिए लाया है ।
यह सर्वथा गलत है सवर्ण बच्चों को इन संस्थानों में पहुंचने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है जहां 95 %96% लाकर भी संस्थाओं में इनका एडमिशन नहीं होता है ।
और वहीं अन्य वर्ग के लोग 40% 45 %परसेंट पाकर भी आराम से एडमिशन ले लेते हैं। वही बहुत मेहनत करके भी अगर सवर्ण उस संस्थान  में पहुंच जाते हैं ।तो आपने वहां पर जातिगत राजनीति शुरू कर दी। है जो कि सर्वथा गलत है। जबकि यह सभी लोग जानते हैं कि जब कोई विद्यार्थी बहुत पढ़ने में तेज होता है ।
और बहुत से विद्यार्थी कम नंबर पाते हैं तो उन्हें उस बच्चों से जलन होती है ।
स्वाभाविक है मनुष्य का स्वभाव है ।
और जब आपने यह कानून यूनिवर्सिटी में लागू कर दिया तो।
 आपने उनके हाथ में पावर दे दी है ।कि वह चाहे तो उस बच्चों को कोई भी आरोप लगाकर पीछे कर सकते हैं। उसका करियर समाप्त कर सकते हैं। यह तो सच है कि अपने देश में सवर्ण को बहुत मेहनत करनी पड़ती है बड़े-बड़े संस्थानों में जाने के लिए ।
यह तो आप सभी जानते हैं !
लेकिन उच्च संस्थानों में जब किसी छात्र को यह पता होगा कि मैं उस पर यह आरोप लगाकर उसे नीचे ला सकता हूं? तो वह अवश्य प्रयास करेगा। और उसे यह भी पता है कि उसका कुछ भी बिगड़ने वाला नहीं है ।
यहां पर पढ़ने वाले बच्चे जातिगत राजनीति के आधार पर एक दूसरे से  जलन करेंगे करेंगे ।
यह देश के विकास में क्या योगदान देंगे? मेरा सरकार से अनुरोध है यह जातिगत राजनीति उच्च संस्थानों में समाप्त करें! और बच्चों को पढ़ने लिखने के लिए एक अच्छा माहौल दें. जिससे वह अपने देश का नाम रोशन कर सके बड़े-बड़े लोग तो अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ने के लिए भेज देते ।हैं। परंतु भारत में सामान्य वर्ग के जितने भी सवर्ण है सभी अपने बच्चों को उच्च संस्थानों में पढ़ने के लिए भेजते हैं ।
यदि उनके साथ यहां पर भी इतने नंबर पाकर भी भेदभाव होगा तो बताइए वह अपना विकास कैसे करेंगे ।जो स्वयं ही परेशान रहेगा वह देश का क्या विकास करेगा 
परंतु सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए यूजीसी की रिपोर्ट मोदी जी का ग्राफ बहुत नीचे ले जाएगा ।क्योंकि सवर्ण मतलब 15 %20 %प्रतिशत लोग ही नहीं होते हैं यह देश में जीत का माहौल तैयार करते हैं देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं यदि इन्हें परेशान किया जाएगा तो देश का विकास तो वैसे भी मुश्किल है?
धर्मेंद्र प्रधान जी ने जिन्होंने यह रिपोर्ट लागू की है पुनः इस पर विचार करें?
पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश वाराणसी

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