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जिंदगी का बदलाव
हाँ बात सच है परेशान हूं मै, बदलते देख जिंदगी के रंग हैरान हूं मै। क्या यही बदलाव है जो आदमी के जीने का तरीका ही बदल दे, भला इन्हे क्या ह�
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Manoj
चाहिए आसमान या धरती एक ना हो। पर प्यार मोहब्बत हेमशा बरकरार रहती हैं।
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शेर शायरी
अपनी इस तकदीर पर हरपल भरोसा न करो । क्या है इस तकदीर मे और क्या अभी आगे लिखा।।
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शेर
किरदारे मुबारक मेरे लिवास मे नही । कुछ लोग अच्छे कपड़ो मे भी बदलिहाज़ है।।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लोग खुद को बदल नही पाते है।लेकिन Creature को बदलने की सब की तमन्ना रहती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हकीकत आरजू है कि अब बड़े को छोटे से सलाम नही और छोटे को बड़ों से सलाम नही।लेकिन खुदा बने दोनों की तमन्ना है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब दीनदार भी बन जाऊं तो अच्छे लोग ही मुझ में ऐब ढूंढने लग जायेंगे।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मेरे तकलीफ में हर वो लोग जिम्मेवार है जो मुझे कहते ते थे मेरी आखरी उम्मीद तुम हो।
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बारिश
शाम देख कर मन ललचाया घर से बाहर जाने को, वृक्ष गणों की महक उड़ चली आसमान अपनाने को । घर से बाहर निकला तो दिखी खूब हरियाली थी , आसमान था �
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शीर्षक (सुबह)
शीर्षक (सुबह) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) रात्री कर पहरा खत्म होने को है,एक नई सुबह होने को है। प्रातः काल की बेला है आयी, दृश्य मनोरम
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☝ खादी रचीत्त राष्ट्र.... ✍️
सन, सन सन्ननन झम्मर झम्मर झम, झप्पर - झप्पर आवाज़ों में! बनत्ती है खादी ज़ो बना स्वाधिनत्ता, का मुल त्तंत्र हर वादों में!! हर प�
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जागृति करो स्वयं चेतना
जरा इक बात बाताओ तुम हार गये क्या सांस तो चल रही है पर अपने को जिंदा मार गये क्या। हाँ माना तुमने चोंट बहुत खा ली है जी
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