Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
पैसा मैंने कभी भी किसी के लिए अपनी ईमान नही बेची,लेकिन केतनाे ने मेरे वजह से अपनी ईमान बेच दी। read more >>
पैसा मैंने कभी भी किसी के लिए झूठ नहीं बोला,लेकिन लोग मेरी वजह से झूठ बोलकर अपनी पहचान खराब कर ली। read more >>
पैसा मैने कभी भी किसी को पसंद नही किया,लेकिन लोग फिर भी मुझे ही पसंद करते है। read more >>
पैसा मैंने कभी भी किसी से मोहब्बत नहीं की,लेकिन मैं वो तीसरा आदमी हूं जिससे लोगों को मोहब्बत और वफा दोनो दिला देता हूं। read more >>
पैसा मैने कभी भी किसी से मोहब्बत नही की लेकिन मेरी वजह से केतनो को मोहब्बत मिल गई। read more >>
जरा - जरा सी बात पे हो जाए कई बात अनकही - सी ना तुम समझ पाते हो ना मैं , छोटी - सी बात समंदर की गहराई ले - लेती है। read more >>
बारिश के बाद मिट्टी की ओ सौंधी- सौंधी खुशबू मन को आनंद विभोर कर देती है उसमें तितली , टिड्डो का झूम के नाचना मेंढ़कों के टर - टर कर बारिश � read more >>
कविता -आंगन बांटों ना आंगन बन्धु! आज तोड़ो ना रिस्तें मधुर आज। तुलसी सी मां-ममता महके घर का कोना कोना गमके जीवन की ज्योति read more >>
आशाओं से खिली चाहतें, जो रहें कर्म से लिप्त! ये चल कर लै कर ज्ञान धरा पर, करें धरा संतृप्त!! है ज्ञान अनुठा करी गर्जना, read more >>
शीर्षक (भोले नाथ की नगरी काशी) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) काशी का नाम ही काफी है। भोले नाथ के बिना किस काम की काशी है। भोले नाथ ही तो read more >>
जहां आप, अपने रहकर भी हो लुप्त। आप ही सुस्थ, बाक़ी सब सुस्त। जिस शिखर पर आप, अपने बहुत पीछे छूट जाएं। चाहकर भी आपका, नजरों से नाता टूट जा� read more >>
चल मुसाफिर एक राह पे चल जिंदगी के एक गुमराह पे चल हर लोग है बुरे भले तुम्हें चलना है अकेले जिस राह पे अनेक कांटा है उसी राह पे जिंदग� read more >>
Join Us: