न मानी की, न ज्ञानी की, न ही भगतों की।
ये दुनिया है, नकटों की।
नकटों के नकटे दोस्त, नकटों की जमात बड़ी।
सारे नकटे एक से, नकटे से नकटे की नज़र � read more >>
देख तिरंगा बढ़े जुनून,देशहित में तर जाऊ
कफ़न ओढ़ मैं रहू हमेशा,देश के लिए मैं अड जाउ
हो संकल्प मेरे दिल मे, मैं अपने वतन पर मर जाउ
मैं लाख ग� read more >>
हर तमन्ना खाक हुई, आने की उम्मीद भी नही ।.
क्या गुनाह किया जो तकदीर भी मुझसे रूठी ॥
राह देख कर थक गई आंखे रात ढली शमा भी बुझ गई ' लौट आने क� read more >>