एक मासूम बच्चे जो सिर्फ 8 महीने की थी वह रो रही थी चीख रहे थे चिल्ला रही थी बस बोल नहीं पा रही थी वह दर्द सह रही थी वह कुछ उन दरिंदों से कहन� read more >>
कौन करे इस मसले मे बात हमारे मन की
न दिन हमारे मन का न रात हमारे मन की
कुछ नही था ऐसा,सोच रखा था जैसा,ना
मेघ हमारे मन के न बरसात हमारे मन क read more >>
प्रसन्न रहना सीखो, मैं जानता हूं हम सारा दिन, प्रसन्न नहीं रह सकते, मेरे मन में, चिंता समा जाती है, जब चिंता समा जाती है तो,, मेरे दिल में � read more >>
ये ज़िन्दगी हसीं है इस से प्यार करो,
अभी है रात तो सुबह का इंतज़ार करो,
वो पल भी आएगा जिसकी ख्वाहिश है आपको,
रब पर रखो भरोसा वक़्त पर एतबार क� read more >>